- शरीर में लगातार पित्त (टोक्सिन) जमा होना – हमारी कई गतिविधियों के कारण हमारे शरीर में लगातार (टोक्सिन) पित्त जमा होते रहता है. यही पित्त जमा होकर एक दिन रोग में बदल जाता है.
शरीर में पित्त (टोक्सिन) जमा होने के मुख्य कारण.
क) प्रातः चाय / काफी का सेवन.
ख) दांतों में पेस्ट करना.
ग) अल्पाहार में बिस्कुट/स्नेक आदि का सेवन करना.
घ) अल्पाहार में ड्राई फ्रूट का सेवन.
च) स्नान करने में साबुन / शम्पू का उपयोग करना.
छ) बालों में कृत्रिम तेल (जो बिना चिपचिपा वाले होते हैं) का उपयोग करना.
ज) बॉडी स्प्रे / कॉस्मेटिक का उपयोग.
झ) भोजन में A1 दूध (मिल्क)/ दही (कर्ड)/घी (बटर आयल) आदि का उपयोग.
ट) भोजन में रिफाइन (तेल) का उपयोग.
ठ) भोजन में आयोडीन नमक का उपयोग. (उजला नमक)
ढ) भोजन में चीनी का उपयोग. (उजला शक्कर)
ण) भोजन में पोलिश राईस का उपयोग. (उजला चावल)
त) भोजन में मैदा का उपयोग. (उजला आटा)
थ) भोजन में मिल्क का उपयोग. (उजला दूध)
द) एलॉपथी की दवा का सेवन
ध) भोजन में मांसाहार (अंडा / मांस / मछली आदि) का सेवन.
न) बासी भोजन करना. (शीतलाष्टमी के दिन को छोड़ कर.)
प) बहुत ज्यादा मीर्च का सेवन करना.
फ) भोजन के तुरंत बाद पानी पीना.
ब) दोपहर का भोजन 12 से 3 बजे के बीच करना.
भ) रात्रि भोजन 7 बजे के बाद करना.
म) एल्युमीनियम के बर्तन का पका भोजन करना.
य) प्रेसर कुकर का पका भोजन.
र) फ्रीज़ में रखा हुआ भोजन.
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